Home धर्म-एवं-ज्योतिष तुलसी में जल चढ़ाते समय बोल दें यह 1 महामंत्र, चमक जाएगी...

तुलसी में जल चढ़ाते समय बोल दें यह 1 महामंत्र, चमक जाएगी सोई हुई किस्मत और होगी धन की बरसात!

24

तुलसी के पौधे में जल चढ़ाते समय खास मंत्र का जप करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं ,हमारे हिंदू धर्म में तुलसी का पौधा सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि साक्षात देवी का रूप माना गया है.

माना जाता है कि जिस घर में तुलसी का पेड़ बिल्कुल हरा-भरा होता है, उसके घर में कभी भी कोई समस्याएं नहीं होती है. 

उस घर से दरिद्रता और कंगाली दूर भाग जाती है. तुलसी के पौधे से जुड़े कुछ कड़े धार्मिक नियम भी हैं जो शास्त्रों में बताए गए हैं. 

कहा जाता है कि कभी भी तुलसी के पौधे के आस-पास गंदगी न फैलाएं और भूलकर भी गंदे हाथों से पौधे को न छुएं. 

ऐसा माना जाता है कि बिना हाथ धोए या गंदे अवस्था में तुलसी को छूने से मां लक्ष्मी गुस्सा हो जाती हैं और इंसान को कंगाली का सामना करना पड़ता है.

करें इस महामंत्र का जप

अगर आपके जीवन में आर्थिक तंगी चल रही है और पैसों की कुछ ज्यादा ही समस्या है, तो आपको तुलसी के पौधे में जल चढ़ाना चाहिए. 

इससे आपके ऊपर मां लक्ष्मी की असीम कृपा होगी. लेकिन आपको जल चढ़ाते समय एक खास मंत्र का जप करते रहना चाहिए.

मंत्र- ‘महाप्रसाद जननी, सर्व सौभाग्यवर्धिनी। आधि व्याधि हरा नित्यं, तुलसी त्वं नमोस्तुते।।’

इस मंत्र का मतलब ये है कि हे तुलसी माता, आप ईश्वर के परम प्रसाद को प्रकट करने वाली हैं, हमारे सौभाग्य को बढ़ाने वाली हैं और हमारे शारीरिक व मानसिक समस्याओं को हरने वाली हैं. आपको मेरा बारंबार प्रणाम है.

शास्त्रों का मानना है कि जल देते समय ये मंत्र बोलने धन लाभ के योग बनते हैं और घर में खुशहाली भी आती है.

दूर होंगे जीवन की सारी परेशानियां

अगर आपको ऊपर बताया गया बड़ा मंत्र याद करने में कठिनाई होती है, तो आप तुलसी माता के कुछ बेहद आसान और अचूक मंत्रों का जप भी कर सकते हैं. 

सुबह जल चढ़ाते समय आप ‘ॐ तुलस्यै नमः’ या ‘ॐ सुभद्राय नमः’ मंत्र का मन ही मन जप कर सकते हैं. 

इसके अलावा मां लक्ष्मी और तुलसी जी की कृपा एक साथ पाने के लिए ‘ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वृन्दावन्यै स्वाहा’ मंत्र का जप करना भी बेहद शुभ फलदाई माना गया है. 

इन छोटे-छोटे मंत्रों के प्रभाव से घर का वास्तु दोष खत्म होता है और परिवार के सदस्यों के बीच प्यार बना रहता है.

सही दिशा का ध्यान रखना है बहुत जरूरी

वास्तु शास्त्र में तुलसी के पौधे में जल चढ़ाने के लिए सही दिशा का होना बेहद आवश्यक माना गया है. 

जब भी आप सुबह तुलसी माता को जल अर्पित करें, तो आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए. 

इन शुभ दिशाओं की ओर मुंह करके जल देने से पूजा का पूरा फल मिलता है और जीवन में पॉजटव एनर्जी का संचार होता है. 

इसके साथ ही जल चढ़ाने के लिए हमेशा तांबे के लोटे का इस्तेमाल करना सबसे बेस्ट माना गया है. तांबे के पात्र से जल देने से आपको बीमारियों से भी छुटकारा मिलेगा.

जल चढ़ाने के बाद 3 बार परिक्रमा करें 

तुलसी में जल देने के तुरंत बाद पौधे की तीन बार परिक्रमा जरूर करनी चाहिए. परिक्रमा करते समय अपने मन में किसी भी व्यक्ति के प्रति द्वेष या गलत विचार न लाएं और किसी से बातचीत भी न करें. 

शांत और शुद्ध मन से तुलसी माता का ध्यान करें. शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि रविवार, एकादशी, सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के दिनों में तुलसी के पौधे में जल चढ़ाना सख्त मना है. 

मान्यताओं के अनुसार इन वर्जित दिनों में जल चढ़ाने से तुलसी जी का व्रत भंग होता है और मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं.

 नियमों का पालन करने से संवर जाएगा भविष्य

शास्त्रों में बताए गए तुलसी पूजा के ये छोटे और आसान नियम आपके जीवन को खुशहाल बना सकते हैं. 

यदि आप रोजाना सही दिशा में मुख करके तांबे के लोटे से जल चढ़ाते हैं, मंत्र जप करते हैं और वर्जित दिनों का ध्यान रखते हैं, तो आपके घर की तिजोरी कभी खाली नहीं रहेगी. 

रोजाना तुलसी माता की पूजा करने से बस पैसों की समस्या ही नहीं, बल्कि घर में बीमारियों और नेगेटिव एनर्जी के एंट्री पर भी बैन लग जाता है.