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केन्द्रीय बजट, ‘अंत्योदय’ से ‘आत्मनिर्भरता’ की ओर, समावेशी विकास का नया अध्याय : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

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पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमंतु एवं अर्धघुमंतु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज ‘विकसित राष्ट्र-2047’ के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ा चुका है। केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। यह बजट ‘अंत्योदय’ की मूल भावना को समर्पित है, जिसमें समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति, शोषित, वंचित, पिछड़ा वर्ग और विमुक्त-घुमंतु समुदायों के उत्थान का स्पष्ट रोडमैप दिखाई देता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार का सुशासन इस मंत्र से पूरी तरह मेल खाता है।

श्रीमती गौर ने कहा कि केन्द्रीय बजट में जिस तीसरे कर्तव्य ‘सबका साथ, सबका विकास’ पर जोर दिया गया है, वह गरीब, युवा, महिला और किसान के साथ-साथ उन समुदायों के लिए संजीवनी के समान है जो दशकों तक विकास की मुख्य धारा से दूर रहे। बजट में पिछड़े और वंचित वर्गों के लिए संसाधनों और अवसरों की समान पहुँच सुनिश्चित करने का संकल्प, सामाजिक न्याय की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति का वंदन इस बजट की आत्मा है। मध्यप्रदेश में हम ‘लाड़ली लक्ष्मी’ से लेकर ‘लाड़ली बहना’ तक महिला सशक्तिकरण के कई आयाम गढ़ रहे हैं। केन्द्रीय बजट में ‘लखपति दीदी’ योजना के विस्तार और क्लस्टर स्तर पर सामुदायिक स्वामित्व वाले ‘शी-मार्ट्स’ (SHE Marts) की स्थापना की घोषणा ने हमारी बहनों को उद्यमी बनाने के द्वार खोल दिए हैं। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाएगी। उच्च शिक्षा और एसटीईएम (STEM) संस्थानों में छात्राओं के लिए प्रत्येक जिले में छात्रावास (Girls Hostel) का निर्माण एक ऐतिहासिक निर्णय है, जो बेटियों की शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करेगा।

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र की रीढ़ है। बजट में एमएसएमई (MSME) सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के विकास निधि का प्रस्ताव और पर्यटन स्थलों पर 10 हजार गाइड्स के कौशल उन्नयन की योजना हमारे युवाओं, विशेषकर विमुक्त और घुमंतु वर्ग के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी। एनिमेशन और गेमिंग (AVGC) के क्षेत्र में स्कूलों में लैब्स की स्थापना हमारे बच्चों को भविष्य की तकनीक से जोड़ेगी।

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि सामाजिक कल्याण की दृष्टि से यह बजट अत्यंत संवेदनशील है। रांची और तेजपुर में मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों का उन्नयन और देश भर में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार यह दर्शाता है कि सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति कितनी गंभीर है। साथ ही, 17 जीवनरक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क में छूट देकर इलाज को सस्ता करना मानवता की सेवा है। अप्रैल 2026 से प्रभावी होने वाला नया और सरलीकृत आयकर अधिनियम मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों के जीवन को आसान बनाएगा। यह ‘ईज ऑफ लिविंग’ की दिशा में बढ़ा एक ठोस कदम है।

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का विजन और मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मिशन, मिलकर ‘डबल इंजन’ सरकार के रूप में प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। यह बजट मध्यप्रदेश के पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और विमुक्त-घुमंतु समुदाय के कल्याण के लिए नए रास्ते खोलेगा। हम संकल्पित हैं कि बजट की इन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदेश के हर पात्र हितग्राही तक पहुँचे और विकसित भारत के निर्माण में मध्यप्रदेश अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सके।