स्लॉट बुकिंग की सुविधा 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई 2026 तक
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मे.टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थिति के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 100 लाख मे.टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है।
इन्दौर, उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम् संभागों के जिलों में 24 अप्रैल से शाम 6 बजे से मध्यम श्रेणी एवं बड़े किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यह सुविधा पूर्व वर्ष अनुसार ही की गई है। जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, ग्वालियर एवं चम्बल संभागों के जिलों में 25 अप्रैल (दोपहर 12 बजे) से मध्यम श्रेणी एवं बड़े किसानों से गेहूं उपार्जन के लिये स्लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पूरे प्रदेश में स्लॉट बुकिंग की तारीख 30 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 9 मई 2026 तक की गई है। किसानों की सुविधा के लिए खरीदी के लिये प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन का कार्य जारी रहेगा। अभी तक प्रदेश मे समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिये 7.76 लाख किसानों द्वारा 32.16 लाख मे. टन गेहूं के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किए जा चुके है।
प्रदेश में 3 लाख 96 हजार 97 किसानों से 16 लाख 57 हजार 526 मे. टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय करने वाले 2,01,254 किसानों को 2166.29 करोड़ रुपये के भुगतान के लिये ईपीओ जनरेट किए गए। उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके इसके लिये उपार्जन केन्द्र पर प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूं विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्द्र किया गया। कृषक द्वारा उपार्जन केन्द्र की प्रतिदिन तौल क्षमता 2250 क्विंटल के मान से स्लॉट बुकिंग की जा सकेगी।

