शारदीय नवरात्र इस साल 11 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है. नवरात्र के इन पवित्र दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरुपों की भक्त उपासना करते हैं. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरुपों की पूजा कर सच्चे मन से अगर माता के कुछ प्रभावशाली मंत्रों का जाप करें तो जीवन की सभी बाधाओं का अंत हो सकता है. सुख प्राप्त होता है और शत्रु व रोगों से छुटकारा मिलता है. आइए जानें नवरात्र के दिनों
ऐसी धार्मिक मान्यता है कि मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरुपों की पूजा कर सच्चे मन से अगर माता के कुछ प्रभावशाली मंत्रों का जाप करें तो जीवन की सभी बाधाओं का अंत हो सकता है. सुख प्राप्त होता है और शत्रु व रोगों से छुटकारा मिलता है. आइए जानें नवरात्र के दिनों माता के किन 7 मंत्रों का जाप करें.
मां दुर्गा के शक्तिशाली मंत्र
मंत्र है- ओम क्रीं क्लीं विवाह बाधा निवारणाय फट्।
मां दुर्गा के इस शक्तिशाली मंत्र का जाप करने से शादी न होने की परेशानियों का अंत होता है. नवरात्र में इस मंत्र का जाप मातारानी के सामने बैठकर कम से कम 108 बार हर दिन करें.
मंत्र है- ॐ ह्रीं नमो भगवती रोग नाशाय ह्रीं ॐ फट्।
इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति रोगों से मुक्ति पाता है. मां दुर्गा इस मंत्र के जाप से भक्त के असाध्य रोग का नाश करती हैं. नवरात्र में इसका पूजा के समय जाप करना अति प्रभावशाली हो सकता है.
मंत्र है- ॐ ह्रीं कमले मोक्षं साधय ऐश्वर्यं देहि श्रीं ॐ नमः ।।
महालक्ष्मी मंत्र या कंचन महालक्ष्मी नाम के इस मंत्र के जाप से धन और ऐश्वर्य में वृद्धि होती है. इसके जाप से धन में वृद्धि होती है और घर की गरीबी दूर होती है.
मंत्र है- ॐ ऐं वाग्देव्यै वरदायै ॐ नमः ।
मां दुर्गा के इस मंत्र के जाप से छात्रों को शुभ फल की प्राप्ति होती है. इस मंत्र का जाप करने से विद्यार्थियों की एकाग्रता बढ़ती है और पढ़ने में मन लगता है.
मंत्र है- ॐ क्लीं हुं मातंग्यै मनोवांछितं सिद्धयै फट् ।।
मां दुर्गा के इस मंत्र का जाप नवरात्र के दिनों में करने से भक्त की सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है. इच्छा की पूर्ति के संकल्प के साथ हर दिन 11 बार मंत्र का जाप करें तो जल्द ही परिणाम प्राप्त हो सकता है.
मंत्र है- ॐ ह्लीं शत्रू नाशाय फट्।
इस मंत्र के जाप से शत्रुओं का नाश होता है और कोर्ट कचहरी के मामलों से छुटकारा मिलता है. इस मंत्र का जाप नवरात्र के दिनों में कम से कम 11 या 21 बार करें.
मंत्र है- ॐ जटा-जूट-समायुक्तमर्धेन्दु-कृत-लक्षणाम्। लोचनत्रय-संयुक्तां पद्मेन्दुसद्यशाननाम्॥
इस मां दुर्गा के ध्यान मंत्र का जाप करने से छात्रों को पढ़ाई लिखाई में मन लगता है. इस मंत्र का जप कम से कम 11 बार नवरात्र के दिनों में करें. छात्रों की एकाग्रता बढ़ती है और अनेक लाभ मिलता है.