Home धर्म-एवं-ज्योतिष कालाष्टमी व्रत का  महत्व

कालाष्टमी व्रत का  महत्व

94

हिंदू धर्म में मासिक कालाष्टमी व्रत का बहुत अधिक महत्व होता है। हर माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मासिक कालाष्टमी का पावन पर्व मनाया जाता है। यह तिथि भगवान भैरवनाथ को समर्पित होती है। इस दिन विधि- विधान से भगवान भैरवनाथ की पूजा-अर्चना की जाती है।

  • कालाष्टमी प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है, जिसे भगवान काल भैरव के प्रकट होने के दिन के रूप में माना जाता है.
  • इस दिन भक्त भगवान काल भैरव की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और उनके लिए नींबू की माला अर्पित करते हैं.
  • इस दिन ब्राह्मणों को भोजन, वस्त्र या धन का दान किया जाता है और कुत्तों को दूध, दही और मिठाई दी जाती है, क्योंकि काल भैरव का वाहन एक काला कुत्ता माना जाता है.
  • इस त्योहार का सबसे अधिक महत्व अपनाया जाता है जब यह मार्गशीर्ष माह में पड़ता है, जिसे कालभैरव जयंती के रूप में जाना जाता है.
  • कालाष्टमी के दिन भगवान काल भैरव की पूजा निशा काल में की जाती है, जिसका शुभ मुहूर्त आमतौर पर रात 12 बजकर 4 मिनट से लेकर 12 बजकर 51 मिनट तक होता